US Election : अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बने जोसेफ आर बाइडन

बाइडन ने 290 इलेक्टोरल वोट हासिल किए, प्रतिद्वंद्वी वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिले 214 वोट 


प्रारब्ध न्यूज डेस्क/एजेंसी, वाॅशिंगटन



मेरिकन राष्ट्रपति के चुनाव का आखिर नतीजे आ ही गए। देर रात घोषित परिणाम में संयुक्त राज्य अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडन यानी जोसेफ आर बाइडन जूनियर चुने गए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से बाइडन ने 290 इलेक्टोरल वोट हासिल किए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 214 वोट मिले हैं। इसी के साथ ही तीन नवंबर को चुनाव के बाद शुरू हुई अमेरिका समेत विश्वभर में गहमागहमी भी समाप्त हो गई। इस बार अमेरिका में चुनाव का नाटकीय पटाक्षेप हुआ है।   


जीत के बाद बाइडन ने ट्वीट कर कहा कि मुझे अमेरिका जैसे महान देश का नेतृत्व करने के लिए चुना है, इसके लिए मैं आभारी हूं। आगे का काम कठिन होगा, लेकिन मैं वादा करता हूं कि मैं सभी अमेरिकियों के लिए राष्ट्रपति बनूंगा, चाहे आपने मुझे वोट दिया या नहीं। इस चुनाव में वर्ष 1900 के बाद सबसे अधिक वोट पड़े हैं। एक आंकड़े के अनुसार इस चुनाव में बाइडन को जितने वोट मिले हैं (सात करोड़ से ज्यादा), उतने किसी भी राष्ट्रपति को नहीं मिले। 

 

पहले युवा सीनेटर, अब बुजुर्ग राष्ट्रपति


अमेरिकी इतिहास में सबसे युवा सीनेटरों में जो बाइडन का नाम है। वहीं, 77 साल के बाइडन अब अमेरिकी इतिहास के सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति बने हैं। बाइडन का जन्म 20 नवंबर 1942 को पेंसिल्वेनिया के स्क्रैंटन में हुआ था। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में 2009 से 2017 तक अमेरिका के 47वें उपराष्ट्रपति के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।


कमला हैरिस ने बनाया रिकार्ड


अमेरिकी चुनाव में भारतीय-अफ्रीकी मूल की कमला हैरिस ने भी रिकार्ड बनाया है। हैरिस को जो बाइडन ने अपना रनिंग मेट यानी उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया था। इस जीत के साथ ही हैरिस पहली भारतीय-अफ्रीकी मूल की महिला होंगी, जो अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद पर आसीन होंगी। वह पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई उपराष्ट्रपति होंगी।


ट्रंप के टोटके भी नहीं आए काम


राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मतगणना की धांधली को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने मतगणना के दौरान ही चुनाव जीतने की बात कह दी थी। उस पर कई हस्तियों ने उनकी आलोचना भी की। ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हम इस चुनाव को जीतने जा रहे हैं, सही कहूं तो हम यह चुनाव जीत गए हैं। ट्रंप ने यह बयान तब दिया था जब लाखों मतों की गणना बाकी थी। यह अमेरिकी इतिहास का सर्वाधिक विभाजक और कटु चुनावों में से एक है।


दूसरे कार्यकाल में फेल


यह चुनाव हारने के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप 28 साल के बाद ऐसे पहले राष्ट्रपति बन गए जो दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस नहीं पहुंच सके। इससे पहले वर्ष 1992 में जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश दूसरे कार्यकाल के लिए जीत हासिल नहीं कर पाए थे, जब उनके विपक्षी डेमोक्रेट उम्मीदवार बिल क्लिंटन ने जीत दर्ज की थी। जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश के बाद बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और फिर बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बने और तीनों ने दो-दो कार्यकाल पूरे किए।

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