Health & Fitness : कोरोना घातक, त्योहारों में सतर्क रहें मधुमेह पीड़ित

  • कमजोर प्रतिरक्षण प्रणाली की वजह से रहते हैं हाई रिस्क पर
  • मास्क व शारीरिक दूरी का पालन कर उठाए त्योहार का लुत्फ


प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर


अगर आपको मधुमेह (डायबिटीज) है तो कोरोना काल में सावधानी और सतर्कता से रहें। मधुमेह की वजह से शरीर की प्रतिरक्षण प्रणाली (इम्यूनिटी सिस्टम) कमजोर होती है, ऐसे में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलता है और घातक साबित होता है। वरिष्ठ फिजीशियन एवं मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. नंदनी रस्तोगी का कहना है कि त्योहार में रिश्तेदार-नातेदारों से मिलें जरूरी, लेकिन मास्क और शारीरिक दूरी का पालन जरूरी करें। ताकि अपनों के बीच हंसी-खुशी त्योहार का लुत्फ उठाते रहें।




पैंक्रियाज की बीटा सेल में संक्रमण या अन्य कारणों से डैमेज होने से इंसुलिन का उत्पादन प्रभावित होने से मधुमेह की समस्या होती है। खून में शुगर का लेवल बढ़ने से शरीर की नसें कमजोर होने लगती हैं। इसलिए 30 फीसद मधुमेह पीड़ित में ब्लड प्रेशर की समस्या होती है। इसलिए सामान्य की अपेक्षा इनमें हृदय रोग की संभावना 5-10 गुना अधिक होती है। शरीर की रोग प्रतिरक्षण प्रणाली कमजोर होने से आंतों में सूजन और जलन भी होती है।


निमोनिया व किडनी फेल हाेने का खतरा


डॉ. रस्तोगी कहती हैं कि जनवरी से कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। सर्वाधिक चपेट में मधुमेह पीड़ित ही आए हैं। कोरोना का संक्रमण घातक होने के साथ जानलेवा साबित हुआ है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने से फेफड़ों को तेजी से चपेट में लेता है, जो निमाेनिया की वजह बनता है । खून के थक्के बनने से शरीर में रक्त आपूर्ति बाधित होने से किडनी यानी गुर्दा फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।


खांसी-बुखार व सांस फूले तो न करें नजरअंदाज


इस मौसम में बुखार, खांसी-जुकाम और गले में खराश के साथ सांस फूल रही है तो नजरअंदाज न करें। तत्काल कोरोना की जांच कराएं। शुरुआत में पहचान कर गंभीरता से बच सकते हैं। मधुमेह पीड़ित अगर किसी से मिलें या बातचीत करें तो दूरी बनाकर रखें।



साफ-सफाई का रखें ध्यान


कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए मधुमेह पीड़ित विशेष सावधानी बरतें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बाहर जाएं तो सैनिटाइजर से हाथ साफ करते रहें। बाहर जाने व आने पर हाथों को साबुन से धोएं। अगर लिफ्ट, वाहन का हैंडिल या सीढ़ियों की रेलिंग छू लें तो हाथ जरूर सैनिटाइज करें। नाक, मुंह व आंखों पर हाथ न लगाएं।


जानलेवा हाेता है संक्रमण


डॉ. रस्तोगी का कहना है कि मधुमेह पीड़तों में कोरोना का संक्रमण गंभीरता पैदा करने के साथ जानलेवा साबित होता है। संक्रमण होने पर आइसीयू में अधिक दिन तक रहना पड़ता है। इसलिए अपनी शुगर को नियंत्रित रखें।


वैक्सीन जरूर लगवाएं


मधुमेह की वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए निमोनिया एवं फ्लू की वैक्सीजन जरूर लगवाएं। ताकि शरीर वायरस का मुकाबला करने के लिए तैयार रहे।


रोजाना चेक करें ब्लड शुगर


  • 130 मिली ग्राम से नीचे खाली पेट
  • 180 मिली ग्राम से नीचे खाने के दो घंटे बाद
  • 7 फीसद से नीचे तीन महीने के शुगर का स्तर एचबीए1सी जांच


इसका रखें खास ख्याल


दवाओं का नियमित सेवन, घर की छत पर सुबह-शाम टहलें, नियमित आधा घंटा व्यायाम जरूर करें, कब्ज की शिकायत पर खाने के एक घंटे बाद गुनगुने पानी का सेवन, सात-आठ घंटे की भरपूर नींद, तनाव से बचें।


इसका भी कर सकते सेवन


हरिद्रा, आमलकी, दालचीनी, गिलोय, मेथी, चिरायता को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें। भोजन से एक घंटे पहले नियमित सेवन से मधुमेह नियंत्रित रहेगी। अगर अनियंत्रित मधुमेह है तो खाने के एक घंटे बाद निशाकथाकादि कशाय व फलाकत्रादि कशाय के सेवन करें।


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