Big Breaking : सीएमओ के चालक की आत्महत्या से पहले का वीडियो वायरल

  • भाजपा के राज्यमंत्री समेत नामचीन लोगों को ठहराया जिम्मेदार
  • डीएम ने लिया मामले का संज्ञान, मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, ललितपुर

राज कुमार दुबे की फाइल फोटो।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के चालक की मौत का मामला गरमा गया है। मंगलवार को आत्महत्या से पहले का एक वीडियो वायरल किया गया है, जिसमें चालक ने प्रदेश सरकार के एक राज्यमंत्री और कुछ स्थानीय नामचीन लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। चालक के इस आत्महत्या केस में मंत्री का नाम उजागर होने से राजनैतिक गलियारों में खलबली मच गई है। इसे विपक्ष मुद्​दा बना कर सरकार को घेरने की तैयारी में है।


मुहल्ला आजादपुरा स्थित सेंट्रल पब्लिक स्कूल के पास रहने वाले सीएमओ के चालक 52 वर्षीय राजकुमार दुबे ने रविवार देर रात अपने घर के कमरे में अंदर से कुंडी बंद करके फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सोमवार सुबह पुलिस ने दरवाजा तुड़वाकर शव को फंदे से नीचे उतारा था। 


परिजनों का कहना था कि राजकुमार ने रात करीब एक बजे तक बैठकर परिजनों से बातें की फिर किन कारणों के चलते उसने यह कदम उठा लिया, इस बारे में परिजनों ने अनभिज्ञता प्रकट की थी, लेकिन जब परिजनों ने राजकुमार का मोबाइल चेक किया तो उनके होश फाख्ता हो गए। 


दरअसल, रामकुमार दुबे ने सुसाइड से ठीक पहले मोबाइल पर वीडियो बनाया था, जिसमें उसने अपनी मानसिक परेशानी और आत्महत्या के कारणों का खुलासा किया है। सुसाइड से पहले का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया है। जिसमें राजकुमार दुबे ने स्वयं को सीएमओ ऑफिस का ड्राइवर बताते हुए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक व्यक्ति ने उसका मकान हड़प लिया और 20 लाख रुपये ले लिए। एक नामजद आरोपी ने उसे सेक्स रैकेट में झूठा फंसाया, उस केस से बचाने के लिए भाजपा के एक मंत्री ने 20 लाख रुपये लिए लेकिन बचाया नहीं, जिसके चलते उसे एक साल जेल काटनी पड़ी। 


अब एक नया मामला आया है, जिसमें सुबह दो नामजद आरोपियों ने उससे 50 हजार रुपये मांगे हैं, वह कहां से यह पैसा दे? पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों से निवेदन करते हुए कहा कि 'इसीलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूँ। इसके अलावा मण्डी के एक नामजद आरोपी ने दूसरे व्यक्ति के साथ मिलकर उसकी पत्नी से मेरा मकान अपने नाम कराया, अभी भी उन्हें साढ़े चार लाख रुपये चाहिए, जबकि मेरे पास कोई व्यवस्था नहीं है इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं। 


सीएमओ ऑफिस के ड्राइवर के सुसाइड केस में भाजपा नेता और शहर के नामचीन लोगों के नाम वायरल हुए वीडियो में उजागर होने से जिले में चरचाओं का बाजार गर्म हो गया है, साथ ही राजनैतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।


''हाल में चिकित्सा विभाग में ड्राइवर राजकुमार दुबे की मृत्यु के मामले की जानकारी प्राप्त हुई और प्रथम दृष्टया सुसाइड का मामला बताया गया, लेकिन इसके बाद रात में एक वीडियो वायरल हुआ जिसकी जानकारी प्राप्त हुई उसको देखा गया उसके क्रम में इस हेतु मैजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसमें रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • योगेश कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी, ललितपुर।


''सीएमओ ऑफिस के ड्राइवर की सुसाइड के कथित वीडियो में मुझ पर लगाए गए आरोप पूर्णत: निराधार हैं, मैं तो सीएमओ ऑफिस के वाहन चालक को जानता भी नहीं हूं, बावजूद इसके इस तरह के मिथ्या आरोप सही नहीं है, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है, जिसमें सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। इस तरह के आरोप जनता के प्रतिनिधि की छवि प्रभावित करने का प्रयास है, जो सफल नहीं होगा।

  • मनोहर लाल पंथ, राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार।

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