उत्तर प्रदेश : बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद हनुमान पांडेय ने ही काटी थी चोटी

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  • भाजपा विधायक की 29 नवंबर 2005 में घेरकर आधा दर्जन बदमाशों ने एके-47 से बरसाईं गईं थीं 400 राउंड गोलियां  

विधायक एवं गोल घेरे में हनुमान। फाइल फोटो

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ


यूपी एसटीएफ ने लखनऊ
के सरोजनी नगर में हुई मुठभेड़ में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी गैंग के शॉर्प शूटर एक लाख के इनामी हनुमान पांडेय उर्फ राकेश को रविवार को मार गिराया था। हत्या के बाद विधायक कृष्णानंद राय के शव से 21 गोलियां निकाली गई थीं।

यूपी एसटीएफ के प्रमुख अमिताभ यश ने प्रेसवार्ता में बताया कि गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की 29 नवंबर 2005 में घेरकर 400 राउंड गोलियां एके-47 से लैस आधा दर्जन बदमाशों ने बरसाईं गईं थीं। इस हमले में भाजपा विधायक कृष्णानंद एवं उनके साथ सहयोगियों की मौत हो गई थी। मुख्तार के गुर्गे हनुमान पांडेय उर्फ राकेश ने ही हत्या के बाद विधायक कृष्णानंद राय की चोटी काटी थी। सीबीआई ने इस केस में मुख्तार अंसारी को मुख्य साजिशकर्ता माना था।


विधायक हत्याकांड के आरोपियों में एक था


सीबीआई ने मुख्तार के अलावा उसके भाई अफजाल अंसारी, संजीव माहेश्वरी, हनुमान पांडेय उर्फ राकेश, एजाजुल हक, रामू मल्लाह और मुन्ना बजरंगी को इस हत्याकांड में आरोपी बनाया था। सबूतों के आभाव में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने अक्टूबर 2019 में मुख्तार अंसारी, उसके भाई अफजाल अंसारी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। हनुमान पांडेय इस घटना को अंजाम देने के बाद मुख्तार अंसारी का खास हो गया। वह पूर्वांचल की ठेकेदारी में भी शामिल हो गया।


16 की उम्र में की थी पहली हत्या


हनुमान ने वर्ष 1993 में लखनऊ पॉलीटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया था। इंजीनियरिंग के पहले ही साल हनुमान की हॉस्टल के कुछ लड़कों से अनबन हुई। हनुमान ने एक लड़के को उठाकर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस कांड के बाद हनुमान जेल भेजा गया। तब वह महज 16 वर्ष का था। जेल में ही वह हार्ड कोर क्रिमिनल्स के संपर्क में आया। उसके बाद से सुपारी लेकर मर्डर करना शुरू किया। 

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