संजीत अपहरण एवं हत्याकांड : बेटे को इंसाफ दिलाने तक जारी रहेगी लड़ाई

  • धरने पर बैठे संजीत के पिता और बहन को पुलिस ने लिया हिरासत में
  • संजीत की मां ने महिला पुलिसकर्मियों पर लगाया मारपीट का आरोप

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर

धरनास्थल से संजीत की बहन को लेकर जातीं महिला पुलिसकर्मी।

संजीत का शव बरामद करने में नाकाम पुलिस पर परिवारीजनों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। सीबीआई जांच समते कई मांगों को लेकर मंगलवार सुबह संजीत के पिता, मां और बहन शास्त्री चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। जानकारी होने पर जनता नगर चौकी पुलिस ने थाने को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस बल पहुंच गया। पुलिस छानबीन जारी होने की बात कहते हुए उन्हें समझाने का प्रयास करने लगी। इस बीच, वहां मौजूद लोग भड़क गए और हंगामा होने लगा। बवाल बढ़ने पर सीओ गोविंद नगर विकास कुमार पांडेय सर्किल फोर्स संग वहां पहुंच गए। नोकझोक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने संजीत के पिता चमन सिंह और उनकी बेटी रुचि को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। वहीं, संजीत की मां कुसुम का आरोप है कि पुलिस पीड़ित परिवार को ही सता रही है। बेटे को तो पुलिस तलाश नहीं पा रही हम लोगों पर जोर आजमा रही है। कुसुम का कहना है कि जब तक बेटे को इंसाफ नहीं मिलता लड़ाई जारी रहेगी।

संजीत की मां को उठाने का प्रयास करतीं महिला पुलिसकर्मी।

कुसुम ने महिला पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। कुसुम का कहना है कि प्रशासन से सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिल रहा है। दो अगस्त से अब तक न तो सीबीआई जांच शुरू हो सकी। न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अब तक मुलाकात कराई। कुसुम का कहना है पुलिस ने दोनों के मोबाइल भी छीन लिए हैं। दोनों मोबाइल बंद हैं। थाना प्रभारी बर्रा हरमीत सिंह का कहना है कि परिवार के लोग सड़क जाम करने का प्रयास कर रहे थे। रोकने के लिए थाने लाया गया।


आत्महत्या का किया प्रयास


संजीत की मां कुसुम स्थानीय लोगों के साथ घर के बाहर पार्क में बैठी थीं। पति और बेटी को न छोड़ने पर कुसुम अचानक पार्क से उठकर घर के अंदर भागी और दरवाजा बंद कर फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने लगीं। किराएदारों की मदद से पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खुलवाया। कुसुम को बाहर निकाल कर लाए। इस बीच वीडियो बना रहे एलआइयू कांस्टेबल पर कुसुम भड़क गई।


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