- भवन सेल में एक-एक अधीक्षण-अधिशासी व दस सहायक अभियंताओं की तैनाती
- 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले भवनों के निर्माण कार्य में अब आएगी तेजी
लॉकडाउन की सुस्ती से निपटने के हर संभव उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरू कर दिए हैं। कोरोना महामारी से उबरने के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए जरूरी फेरबदल भी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत के भवन निर्माण कार्यों को ईपीसी मोड में कराने के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि इसके लिए भवन सेल में तेज तर्रार और तकनीकी रूप से दक्ष अभियंताओं की तैनाती की गई है। अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के हवाले से उपमुख्यमत्री केशव प्रसाद मौर्या ने पीडब्ल्यूडी की पहले से गठित भवन सेल को पुनर्गठित किया है। इसमें एक-एक अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता की तैनाती की है, जिसमें मुख्यालय में कार्यरत अधिशासी अभियंता पवन वर्मा एवं प्रयागराज में कार्यरत अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार राय के नाम शामिल हैं। वहीं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कार्यरत दस सहायक अभियंताओं (एई) की भी तैनाती की गई है। इसमें सहायक अभियंत्रा में प्रांतीय खंड लखनऊ के अजय कुमार, इंण्डो-नेपाल बॉर्डर सिद्धार्थनगर के अशोक कुमार, सेतु परिकल्पना खंड -12 की अर्चना त्रिपाठी, मार्ग सर्वे खंड लखनऊ की बेला मिश्रा ,निर्माण खंड वाराणसी में तैनात प्रतीक अग्रवाल, निर्माण खंड गोंडा में तैनात प्रशांत गुप्ता, निर्माण खंड ललितपुर के अक्षय कुमार, नियोजन (मुख्यालय) में तैनात गरिमा श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट प्लानिंग एंड पाॅलिसी सेल मुख्यालय में तैनात सारिका अवस्थी तथा निर्माण खंड फिरोजाबाद के विशाल सेठ के नाम हैं।

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