चीन से तनाव के बाद भी ताल ठाेंक रहा कानपुर का होजरी उद्योग


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नपुर का होजरी व वस्त्र उद्योग, चीन की चुनौती के लिए तैयार है। चीन की निर्भरता छोड़ कर उद्यमी अब कच्चे माल, मशीनों व स्पेयर पार्ट के लिए अन्य देशों के विकल्प तलाश रहे हैं। इसमे जापान, ताइवान, कोरिया वियतनाम, थाईलैंड देश के कोटेशन देखे जा रहे हैं । होजरी व वस्त्र उद्यमी द्वारा यह निर्णय लिया गया कि चीन को दिए जाने वाले ऑर्डर अब इन देशों को दिए जाएंगे। भारत के सूरत, अहमदाबाद, कोलकाता जैसे शहरों के आर्डर भी बढ़ाए जाएंगे । वस्त्र व होजरी उद्योग के लिए लेडीस कपड़ों का 80 फीसद रॉ मैटेरियल जैसे सिंथेटिक शर्ट ,कपड़े का कुर्ता, चेन, बटन, लेस, डेकोरेटिव फूल ,इलास्टिक, सिलाई व कटिंग मशीन,  स्पेयर पार्टस, रेयान, पॉलिएस्टर व फाइबर जैसा माल आयात होता है। दोनों उद्योग मिलाकर, यह आयात लगभग ₹ 525 करोड़ का है, जिसमें लगभग ₹500 करोड़ रेडीमेड और ₹25 करोड़ का आयात होजरी उद्योग का है। चीन से तनातनी के बाद अब यह उद्योग चीन से हटाकर, सिंथेटिक कपड़ों के लिए देश में सूरत, अहमदाबाद और विदेश में थाईलैंड, वियतनाम आदि से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
कपड़ों का सीजन अक्टूबर से शुरू होने के कारण अभी उद्यमी तसल्ली से हर जगह से कोटेशन ले रहे हैं। इसी तरह मशीन स्पेयर पार्ट्स आदि के लिए कोटेशन जापान ताइवान व कोरिया से मंगाए जा रहे हैं। नॉर्दर्न इंडिया होजरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महामंत्री प्रमोद सुराना कहते हैं हम जापान कोरिया और ताइवान जैसे देशों में विकल्प तलाश रहे हैं। हमारे आर्डर भी इन्ही देशों में जाएंगे। रेडीमेड कारोबारी नजम हमराज कहते हैं कि देश में सूरत अहमदाबाद, कोलकाता आज कपड़ों की जरूरत पूरी कर सकते हैं, यह थोड़ा महंगा विकल्प है। इसी तरह थाईलैंड वियतनाम आदि भी विकल्प हैं । सभी के रेट लेकर तैयार माल की कीमत का आकलन किया जा रहा है।यदि यहां कपड़ों की गुणवत्ता की जांच के लिए लैब बन जाए तो भी खर्च में कमी आ जाएगी। आंकड़ों की जुबानी-
 
सालाना रेडीमेड कारोबार -₹3000 करोड़ 
 सालाना होजरी कारोबार -₹1500 करोड़ 
 शहर में रेडीमेड कारखाने-4000 
 निटिंग कारखाने होजरी के-500
 रोज़गार-02 लाख से ज्यादा लोगों को
5000 कारखाने कटिंग के,50 कारखाने होजरी डाइंग के।
80 प्रतिशत कच्चा माल होजरी व वस्त्र उद्योग के लिये चीन सेआयात होता है। 

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