UP कांग्रेस का बड़ा ऐलान: महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती 'वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस' के रूप में मनाई

लखनऊ में आयोजित ओबीसी कांग्रेस के ऐतिहासिक कार्यक्रम में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और अन्य दिग्गज नेताओं ने जातिगत जनगणना और आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी की मांग उठाई।

सामाजिक न्याय की नई हुंकार : Lucknow में कांग्रेस ने मनाया 'वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस', ओबीसी अधिकारों के लिए बड़े आंदोलन का आगाज़

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में आज सामाजिक न्याय की राजनीति को एक नई दिशा मिली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ओबीसी विभाग द्वारा आधुनिक भारत में सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती को "वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस" के रूप में ऐतिहासिक उत्साह के साथ मनाया गया।

इस गरिमामयी आयोजन में देश भर के कांग्रेस दिग्गजों ने शिरकत की और पिछड़ों, दलितों व आदिवासियों के हक के लिए आर-पार की लड़ाई का संकल्प लिया।

भागीदारी न्याय: जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी के विजन की सराहना की। उन्होंने कहा, राहुल गाँधी जी ने 'भागीदारी न्याय' के जरिए वंचितों को उनका हक दिलाने का जो बीड़ा उठाया है, उसे अब गाँव-गाँव और हर चौराहे तक पहुँचाना होगा। उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं को ओबीसी जातिगत जनगणना और महिलाओं की आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी के लिए एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करना चाहिए।

तेलंगाना मॉडल की चर्चा और 'मनुवादी सोच' पर प्रहार

कांग्रेस के राष्ट्रीय चेयरमैन (पिछड़ा वर्ग विभाग) डॉ. अनिल जयहिंद ने बाबा साहेब अंबेडकर के गुरु ज्योतिबा फुले के संघर्षों को याद किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं और पिछड़ों को उनके हक से वंचित रखने वाली 'मनुवादी सोच' के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने मंच से राहुल गाँधी जी का विशेष संदेश भी पढ़कर सुनाया।

वहीं, तेलंगाना के परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर को तेलंगाना में वैज्ञानिक तरीके से जनगणना कराने के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार को 'तेलंगाना मॉडल' अपनाने की सलाह दी।

प्रमुख नेताओं के संबोधन के मुख्य अंश

राजेंद्र पाल गौतम (अध्यक्ष, SC विभाग) : "बहुजनों की खामोशी ही उनकी गुलामी का कारण है। हमें अन्याय के खिलाफ डटकर खड़ा होना होगा।"

अविनाश पांडे (प्रभारी, UP) : "कांग्रेस पिछड़ों को जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम शासन-प्रशासन में उनकी आबादी के अनुसार हिस्सेदारी सुनिश्चित करेंगे।"

अजय कुमार लल्लू (प्रभारी, उड़ीसा) : इन्होंने जातिगत जनगणना के बाद अति-पिछड़े वर्गों (MBC) के लिए अलग से आरक्षण और हिस्सेदारी की मांग दोहराई।

कमलेश्वर पटेल (सदस्य, CWC) : उन्होंने मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में हो रहे आरक्षण घोटालों का जिक्र कर भाजपा की 'हिंदू राजनीति' पर निशाना साधा।

उत्तर प्रदेश में संगठन की मजबूती

उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस के अध्यक्ष मनोज यादव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रियंका गाँधी वाड्रा जी ने जिस सामाजिक न्याय की नींव उत्तर प्रदेश में रखी थी, उसे एकजुटता और धैर्य से पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम में के. राजू (प्रभारी, झारखंड) ने भी उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति

इस आयोजन में अजय राय (अध्यक्ष, UPCC), सांसद राकेश राठौर, आराधना मिश्रा 'मोना', पूर्व सांसद रवि प्रकाश वर्मा, विधायक वीरेंद्र चौधरी, वरुण चौधरी, जितेंद्र बघेल, शाहनवाज़ आलम, सुशील पासी, पूर्व मंत्री मसूद अहमद, अनिल यादव और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आयोजन महज एक जयंती समारोह नहीं

लखनऊ का यह आयोजन महज एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'जातिगत जनगणना' को एक मुख्य मुद्दा बनाने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब 'पिछड़ा, दलित और आदिवासी' (PDA) के अधिकारों की लड़ाई को धार देने के लिए तैयार है।

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