कुशीनगर से ISIS आतंकी रिजवान अहमद को गिरफ्तार किया गया है। 2015 से ISIS से जुड़े रिजवान के पास से विस्फोटक सामग्री मिली है। जानिए उसकी गिरफ्तारी और आतंकी इतिहास की पूरी जानकारी।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कुशीनगर/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में आतंकवाद के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन में UP ATS और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के सक्रिय एजेंट रिजवान अहमद को गिरफ्तार किया है। रिजवान की गिरफ्तारी देर शाम की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद
सुरक्षा एजेंसियों को रिजवान के ठिकाने से बम बनाने का सामान, महत्वपूर्ण उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, रिजवान देश के विभिन्न हिस्सों में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था।
रिजवान का पुराना आतंकी इतिहास
रिजवान कोई नया नाम नहीं है; उसका इतिहास आतंकी गतिविधियों से भरा रहा है।
वर्ष 2015 में पहली बार आया रडार पर : वह वर्ष 2015 से ही वैश्विक आतंकी संगठन ISIS के संपर्क में था और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहा था।
ब्लास्ट कांड में संलिप्तता : रिजवान 2017 से 2023 तक एक ब्लास्ट कांड के सिलसिले में जेल की सजा काट चुका है।
जेल से छूटते ही फिर सक्रिय : वर्ष 2023 में जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से अपना नेटवर्क सक्रिय कर लिया था, जिसकी सूचना खुफिया एजेंसियों को मिल रही थी।
अब तक की कार्रवाई और आगे की रणनीति
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां रिजवान को दिल्ली ले गई हैं, जहां उससे सघन पूछताछ की जा रही है।
जांच अधिकारियों का बयान : "रिजवान की गिरफ्तारी से ISIS के स्लीपर सेल और उनके नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। पूछताछ के आधार पर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में भी छापेमारी और गिरफ्तारियां संभव हैं।"
प्रमुख तथ्य एक नजर में
नाम : रिजवान अहमद
गिरफ्तारी का स्थान : कुशीनगर, उत्तर प्रदेश
गिरफ्तार करने वाली टीम : UP ATS और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल
संगठन का नाम : ISIS (Islamic State)
बरामदगी : बम बनाने का सामान, आपत्तिजनक डिजिटल और कागजी दस्तावेज
वर्तमान में : दिल्ली में पुलिस कस्टडी में पूछताछ जारी।
स्पेशल सेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु
खुफिया इनपुट : स्पेशल सेल के मुताबिक, रिजवान को तकनीकी सर्विलांस और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर कुशीनगर से घेराबंदी कर पकड़ा गया।
नेटवर्क का विस्तार : अधिकारी ने बताया कि रिजवान केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि वह टेलीग्राम और अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए विदेशों में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में था।
इनाम : रिजवान पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा पहले इनाम भी घोषित किया जा चुका था (यदि आप उस विशिष्ट मॉड्यूल की बात कर रहे हैं जिसमें अन्य साथियों की तलाश थी)।
आतंकवाद पर सरकार का जीरो टॉलरेंस
उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त एजेंसियां लगातार सीमावर्ती जिलों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाए हुए हैं। रिजवान की गिरफ्तारी को इसी कड़ी में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
"रिजवान अहमद आईएसआईएस (ISIS) के पुणे मॉड्यूल और अन्य स्लीपर सेल्स के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। वह पिछले काफी समय से हमारी रडार पर था। उसकी गिरफ्तारी से न केवल एक संभावित आतंकी हमले को टाला गया है, बल्कि उसके पास से बम बनाने के निर्देश वाले दस्तावेज़ और विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है। वह देश के विभिन्न हिस्सों में 'लोन वुल्फ' अटैक या आईईडी (IED) ब्लास्ट की साजिश रच रहा था।" - एचजीएस धालीवाल, स्पेशल कमिश्नर, स्पेशल सेल, दिल्ली पुलिस।

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