Hormuz : होर्मुज संकट के बीच भारत को बड़ी राहत: LPG टैंकर सुरक्षित, देश में नहीं होगा गैस का संकट

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद भारत के लिए राहत की खबर। LPG से भरे भारतीय जहाज सुरक्षित, आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा असर। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

एजेंसी, नई दिल्ली

पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने दुनिया भर की सप्लाई चेन को चिंता में डाल दिया है। लेकिन भारत के लिए एक सुखद और राहत भरी खबर सामने आई है। सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जारी उथल-पुथल के बावजूद भारतीय LPG टैंकर सुरक्षित हैं और घरेलू स्तर पर रसोई गैस की आपूर्ति पर कोई संकट नहीं मंडराएगा।

भारतीय जहाज: 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' की वापसी

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत के दो प्रमुख गैस टैंकरों में “जग वसंत” और “पाइन गैस” सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं।

कुल कार्गो : इन जहाजों में लगभग 92,612 मीट्रिक टन LPG लोड है।

नाविकों की सुरक्षा : इन जहाजों पर करीब 60 भारतीय नाविक सवार हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।

आगमन की तिथि : उम्मीद जताई जा रही है कि ये जहाज 26 से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर लंगर डाल देंगे।

सप्लाई पर पड़ेगा असर, सरकार का रुख स्पष्ट

शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव, राजेश सिन्हा ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान में होर्मुज क्षेत्र में भारत के झंडे वाले लगभग 20 जहाज मौजूद हैं। इनमें से 5 टैंकर पूरी तरह से LPG से भरे हुए हैं, जिनमें कुल 2.30 लाख मीट्रिक टन गैस है।

"अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत किसी भी देश को समुद्री मार्गों पर अवैध कर या लेवी लगाने का अधिकार नहीं है। ईरान द्वारा जहाजों से शुल्क वसूली की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।" - राजेश सिन्हा, विशेष सचिव, शिपिंग मंत्रालय, केंद्र सरकार।

सरकार इन जहाजों की आवाजाही पर सैटेलाइट और कूटनीतिक स्तर से 24x7 नजर रख रही है ताकि देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कूटनीतिक स्तर पर भारत की सक्रियता

सिर्फ समुद्री सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भारत वैश्विक मंच पर भी अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि भारत इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित देशों के साथ लगातार संवाद कर रहा है।

मुख्य तथ्य एक नजर में

होर्मुज में कुल भारतीय जहाज : 20 (लगभग)

LPG टैंकरों की संख्या : 5 टैंकर

कुल गैस की मात्रा : 2.30 लाख मीट्रिक टन

प्रमुख जहाज : जग वसंत और पाइन गैस

राहत का कारण : सुरक्षित मार्ग और कूटनीतिक स्थिरता

भारत में LPG की किल्लत की आशंकाएं नहीं 

इस खबर के बाद बाजार में रसोई गैस की किल्लत की आशंकाएं खत्म हो गई हैं। भारत की सक्रिय विदेश नीति और शिपिंग मंत्रालय की सतर्कता ने यह सुनिश्चित किया है कि युद्ध जैसी स्थितियों के बावजूद भारतीय घरों तक पहुँचने वाली LPG की सप्लाई चेन में कोई बाधा न आए।

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