पूर्व BJP सांसद ने मुस्लिम महिला से वापस लिया कंबल, सचिन पायलट ने किया तीखा प्रहार

Rajasthan Politics टोंक-सवाई माधोपुर के पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया द्वारा एक मुस्लिम महिला से कंबल वापस लेने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सचिन पायलट ने इसे BJP-RSS की नफरत की राजनीति करार दिया। पूरी घटना यहां पढ़ें।

मुस्लिम महिला से कंबल छीनने पर पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया पर भड़के सचिन पायलट

प्रारब्ध न्यूज डेस्क, लखनऊ 

राजस्थान के टोंक जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने राज्य की सियासत में गरमागरमी पैदा कर दी है। टोंक-सवाई माधोपुर के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया द्वारा एक मुस्लिम महिला से कंबल वापस लेने के वीडियो और खबरों ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस घटना पर कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा और RSS पर निशाना साधा है।

जानें यह है पूरा मामला (The Incident)

हाल ही में निवाई क्षेत्र के करेड़ा बुजुर्ग गांव में पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया का एक निजी कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। घटना के अनुसार, कंबल वितरण के दौरान जब एक महिला कंबल लेने पहुंची, तो जौनापुरिया ने उससे उसका नाम पूछा।

महिला ने अपना नाम 'सकुरान खान' बताया। नाम सुनते ही पूर्व सांसद बिफर गए और महिला के हाथ से कंबल वापस ले लिया। जौनापुरिया ने मौके पर कहा कि जो मोदी को गाली देने वाला है, उसे यह कंबल लेने का हक नहीं है। आप कंबल ले जाओगे और फिर कहोगे कि बेवकूफ बना दिया। इसे यहीं छोड़ो और हटो यहां से।

जौनापुरिया की सफाई : विवाद बढ़ने पर उन्होंने तर्क दिया कि यह उनका निजी कार्यक्रम था, कोई सरकारी योजना नहीं, इसलिए वे अपनी इच्छानुसार वितरण कर रहे थे।

सचिन पायलट की बड़ी प्रतिक्रिया : BJP-RSS की सोच में करुणा नहीं, नफरत है। इस घटना के बाद टोंक के वर्तमान विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे मानवीय संवेदनाओं का अपमान बताया।

पायलट के बयान के मुख्य बिंदु

मानवीय संवेदनशीलता का अभाव: पायलट ने कहा कि दो बार सांसद रह चुके व्यक्ति से उम्मीद थी कि वे मानवीय संवेदना दिखाएंगे, लेकिन उन्होंने एक जरूरतमंद महिला का अपमान किया।

नफरत की राजनीति : उन्होंने सीधे तौर पर लिखा कि BJP और RSS के दृष्टिकोण में करुणा के बजाय नफरत झलकती है।

संवैधानिक उल्लंघन : पायलट ने जोर देकर कहा कि धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह संवैधानिक अधिकारों का भी सीधा उल्लंघन है।

"एक गरीब, ज़रूरतमंद महिला को कंबल देने से वंचित करना और उसका सार्वजनिक अपमान करना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।" - सचिन पायलट, राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी।

घटना का राजनीतिक विश्लेषण

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सुखबीर सिंह जौनापुरिया उसी क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके हैं जिसका प्रतिनिधित्व वर्तमान में सचिन पायलट विधानसभा में कर रहे हैं।

पक्ष और मुख्य तर्क

सुखबीर सिंह जौनापुरिया :  निजी कार्यक्रम था, विरोधियों को लाभ देने के पक्ष में नहीं।

सचिन पायलट/कांग्रेस : भाजपा की सोच विभाजनकारी और यह गरीबों का अपमान है।

स्थानीय जनता : सोशल मीडिया पर इस व्यवहार को लेकर मिली-जुली, लेकिन तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

राजस्थान की राजनीति में बन सकती बड़ा मुद्दा

राजस्थान की राजनीति में यह घटना आने वाले समय में एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। जहाँ एक ओर भाजपा इसे निजी विवेक बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे 'संविधान और मानवता' पर हमला करार दे रही है।

क्या आप इस मामले पर सचिन पायलट के स्टैंड से सहमत हैं? 


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