UP : इण्डिया फूड एक्स्पो-2026; लखनऊ में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का महाकुंभ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य करेंगे उद्घाटन

लखनऊ में 16 से 18 जनवरी 2026 तक इण्डिया फूड एक्स्पो और सेमिनार का आयोजन हो रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य इसका उद्घाटन करेंगे। जानें खाद्य प्रसंस्करण नीति और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

राजधानी लखनऊ एक बार फिर खाद्य और कृषि तकनीक के क्षेत्र में बड़े बदलाव की गवाह बनने जा रही है। इण्डियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) और उत्तर प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के साझा प्रयासों से '10th Edition of the India Food Expo' का आयोजन होने जा रहा है। यह तीन दिवसीय भव्य आयोजन 16 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक रिगेलिया ग्रीन्स (1090 चौराहे के पास), गोमती नगर में किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य करेंगे उद्घाटन

अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बीएल. मीणा ने बताया कि इस प्रतिष्ठित एक्सपो और 'सेमिनार ऑन अपॉर्चुनिटीज एंड ग्रोथ स्ट्रेटजीज इन फूड प्रोसेसिंग, हॉस्पिटैलिटी एंड फूड एंड बेवरेजेज सेक्टर' का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा 16 जनवरी को सुबह 11:00 बजे किया जाएगा।

उद्घाटन समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रहेगी, जिनमें मुख्य रूप से कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रमुख सचिव, कृषि रहेंगे।

एक्सपो के प्रमुख आकर्षण और उद्देश्य

उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आयोजित यह एक्सपो किसानों और उद्यमियों के लिए ज्ञान और अवसर का एक साझा मंच होगा। इसके प्रमुख आकर्षण निम्नलिखित हैं।

भव्य प्रदर्शनी : तीन दिनों तक चलने वाली प्रदर्शनी में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी नवीनतम मशीनों, आधुनिक टेक्नोलॉजी और विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मार्गदर्शन : खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के इच्छुक लोगों के लिए तीन दिवसीय सेमिनार आयोजित होगा, जिसमें विषय विशेषज्ञ तकनीकी और व्यावसायिक बारीकियां साझा करेंगे।

सरकारी योजनाओं की जानकारी : उद्यमियों को 'उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023', प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) और PMKSY जैसी योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

फूड कोर्ट : आगंतुकों के लिए देश और प्रदेश के प्रमुख व्यंजनों का एक विशेष फूड कोर्ट भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।

निवेश और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

इस सेमिनार में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के अन्य राज्यों के उद्यमी, निवेशक, कृषक उत्पादक संगठन (FPOs), प्लांट एवं मशीनरी निर्माता और स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि खाद्य प्रसंस्करण नीति के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि की जाए और अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।

किसान व उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर 

यह आयोजन किसानों और नए उद्यमियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां वे सीधे विशेषज्ञों से संवाद कर सकेंगे और सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता (सब्सिडी) के बारे में समझ सकेंगे।

पंजीकरण और भागीदारी की जानकारी

चूंकि यह आयोजन इण्डियन इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है, इसलिए पंजीकरण की प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है:

पंजीकरण कैसे करें

ऑन-स्पॉट पंजीकरण : रिगेलिया ग्रीन्स, 1090 चौराहा स्थित कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों (Visitors) के लिए निःशुल्क या मामूली शुल्क के साथ ऑन-स्पॉट पंजीकरण डेस्क उपलब्ध होगी।

ऑनलाइन माध्यम : आप IIA की आधिकारिक वेबसाइट (iiaonline.in) पर जाकर 'Events' सेक्शन में अपना विवरण दे सकते हैं।

विभागीय संपर्क : उद्यमी अपने जिले के जिला उद्यान अधिकारी (DHO) कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं, जहाँ से FPOs और स्थानीय उद्यमियों को विशेष आमंत्रण और पास जारी किए जाते हैं।

कौन-कौन सम्मिलित हो सकता है

उद्यमी और निवेशक : जो नया फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहते हैं।

किसान और FPOs : जो अपने उत्पादों की वैल्यू एडिशन (Value Addition) समझना चाहते हैं।

स्टार्टअप्स : जो खाद्य तकनीक (Food Tech) में नए नवाचार लेकर आ रहे हैं।

छात्र : जो फूड टेक्नोलॉजी या एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहे हैं।

विशेषज्ञों से परामर्श (Expert Advice)

सेमिनार के दौरान आप इन विशिष्ट विषयों पर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) : उद्योग लगाने के लिए बैंक लोन हेतु प्रोजेक्ट रिपोर्ट कैसे बनाएं।

सब्सिडी प्रक्रिया : PMFME योजना के तहत 35% तक की सब्सिडी पाने की प्रक्रिया।

लाइसेंसिंग : FSSAI, GST और उद्योग आधार (Udyam) पंजीकरण की जानकारी।

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