Prarabdh Dharm-Aadhyatm : आज का पंचांग (10 May 2022)

0
दिनांक : 10 May, दिन : मंगलवार


विक्रम संवत : 2079


शक संवत : 1944


अयन : उत्तरायण।


ऋतु : ग्रीष्म ऋतु


मास : वैैशाख


पक्ष - शुक्ल


तिथि - नवमी शाम 07:24 तक तत्पश्चात तत्पश्चात दशमी


नक्षत्र - मघा शाम 06:40 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी


योग - ध्रुव रात्रि 08:22 तक तत्पश्चात व्याघात


राहुकाल - शाम 03:51 से 05:19 तक


सूर्योदय - 06:04


सूर्यास्त - 19:06


दिशाशूल - उत्तर दिशा में


पंचक


पंचक का आरंभ- 22 मई 2022, रविवार को 11.13 मिनट से 

पंचक का समापन- 26 मई 2022, मंगलवार को 24.39 मिनट पर। 


 एकादशी


गुरुवार, 12 मई 2022- मोहिनी एकादशी

 गुरुवार, 26 मई 2022- अचला (अपरा) एकादशी


पूर्णिमा


वैशाख पूर्णिमा- सोमवार 16 मई, 2022


अमावस्या

 

ज्येष्ठ अमावस्या सोमवार 30 मई, 2022।


 प्रदोष व्रत


13 मई शुक्रवार प्रदोष व्रत (शुक्ल)

27 मई शुक्रवार प्रदोष व्रत 


व्रत पर्व विवरण - सीता नवमी


विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

          

व्यापार में वृद्धि हेतु


रविवार को गंगाजल लेकर उसमें निहारते हुए 21 बार गुरुमंत्र जपें, गुरुमंत्र नहीं लिया हो तो गायत्री मंत्र जपें | फिर इस जल को व्यापार-स्थल पर जमीन एवं सभी दीवारों पर छिडक दें | ऐसा लगातार 7 रविवार करें, व्यापार में वृद्धि होगी |


करोडो गौ दान का फल


सात धामों में द्वारका धाम । मोक्षदायी नगरियों में

अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवन्तिका। पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायका:||

 और पश्चिम की तरफ सिर करके जो  द्वारका का सुमिरन करते हुये स्नान करता है तो उसे करोडो गोदान फल मिलता है |


वास्तु शास्त्र


किचन में दवाईयां रखने की आदत वास्तु के अनुसार बिल्कुल गलत मानी जाती है। ऐसा करने से लोगों की सेहत में उतार-चढाव बना रहता हैं।


हनुमानजी की पूजा अलग-अलग तरीके से की जाती है। लेकिन भक्त को तो किसी भी तरीके से कोई मतलब नहीं और भक्त लाभ की चिंता नहीं करता है। हनुमानजी का नाम ही उसके लिए मंत्र, चालीसा और पूजा है। फिर भी जो कोई भक्त यदि संकट में हो और उसे हनुमानजी को जल्दी प्रसन्न करना हो तो वह हनुमानजी की अच्छे से पूजा करके उन्हें यह चढ़ा सकते हैं।

 

 

हनुमानजी को जो सामग्रियां चढ़ाई जाती हैं, उनके 2 भाग हैं- पहली खाद्य सामग्री और दूसरी पूजा सामग्री।

 

खाद्य सामग्री:-

 

1. पान का बीड़ा

आपने सुनी होगी एक प्रचलित लोकोक्ति 'बीड़ा उठाना'। इसका अर्थ होता है- कोई महत्वपूर्ण या जोखिमभरा काम करने का उत्तरदायित्व अपने ऊपर लेना। यदि आपके जीवन में कोई घोर संकट है या ऐसा काम है जिसे करना आपके बस का नहीं है, तो आप अपनी जिम्मेदारी हनुमानजी को सौंप दें। इसके लिए आप मंगलवार के दिन किसी मंदिर में पूजा-पाठ करने के बाद उन्हें पान का बीड़ा अर्पित करें। रसीला बनारसी पान चढ़ाकर मांग लीजिए मनचाहा वरदान।


 2. लौंग, इलायची और सुपारी


हनुमानजी को लौंग, इलायची और सुपारी भी पसंद है। शनिवार के दिन लौंग, सुपारी और इलायची चढ़ाने से शनि का कष्ट दूर हो जाता है। कच्ची घानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमानजी की आरती करें, संकट दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा


3. नारियल चढ़ाएं


गरीबी से मुक्ति के लिए 1 नारियल पर सिन्दूर लगाएं और मौली यानी लाल धागा बांधें। इसके बाद यह नारियल हनुमानजी को चढ़ाएं। ऐसा कम से कम 11 मंगलवार को करें। यदि इसी नारियल को लाल कपड़े में राई के साथ लपेटकर घर के दरवाजे पर बांध दिया जाए, तो घर में किसी भी प्रकार की अला-बला नहीं आती है, जादू-मंतर या तंत्र का असर नहीं होता है और किसी की नजर भी नहीं लगती है।


4. गुड़-चने का प्रसाद


हनुमानजी को गुड़ और चने का प्रसाद तो अक्सर चढ़ाया ही जाता है। यह मंगल का उपाय भी है। इससे मंगल दोष मिटता है। यदि आप कुछ भी चढ़ाने की क्षमता नहीं रखते या किसी और कारण से चढ़ा नहीं पाते हैं तो सिर्फ गुड़ और चना ही चढ़ाकर हनुमानजी को प्रसन्न कर सकते हैं। हर मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। इससे आपकी सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी। हालांकि आजकल गुड़ की जगह चिरौंजी ज्यादा मिलती है लेकिन चने के साथ गुड़ का ही संयोग होता है।

  

5. इमरती


इमरती का भोग लगाने से संकटमोचन अत्यंत प्रसन्न होते हैं। आपकी जो भी मनोकामनाएं हैं, वे पूर्ण हो जाएंगी। बस, मंगलवार के दिन हनुमानजी को इमरती चढ़ा आएं।

 

6. लड्‍डू


हनुमानजी को 3 तरह के लड्डू पसंद हैं- एक केसरिया बूंदी लड्‍डू, दूसरा बेसन के लड्डू और तीसरा मलाई-मिश्री के लड्‍डू। इसमें बेसन के लड्‍डू उन्हें खास पसंद हैं। लड्डू चढ़ाने से हनुमानजी भक्तों को दे देते हैं मनचाहा वरदान और उसकी मनोकामना पूर्ण कर देते हैं। लड्डू चढ़ाने से पापी ग्रह भी काबू में रहते हैं।

 

7. केसर-भात


उज्जैन में मंगलनाथ पर केसर-भात से मंगल की शांति होती है। हनुमानजी को भी केसर-भात का भोग लगाया जाता है। इससे हनुमानजी बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं। कोई व्यक्ति 5 मंगलवार हनुमानजी को यह नैवेद्य लगाता है, तो उसके हर तरह के संकटों का समाधान होता है।


9. रोट या रोठ


ऐसी मान्यता है कि अगर हनुमानजी को मंगलवार के दिन रोट या मीठी रोटी का भोग लगाया जाता है तो मनवांछित फल मिलता है। गेहूं के आटे में गुड़, इलायची, नारियल का बूरा, घी, दूध आदि मिलाकर रोट बनाया जाता है। कुछ जगह इसे सेंककर रोटी जैसा बनाकर भोग लगाते हैं और कुछ जगह इसे पूरियों की तरह तलकर इसका भोग लगाते हैं। यह रोट हनुमानजी को बहुत प्रिय है।

 

10. पंच मेवा


काजू, बादाम, किशमिश, छुआरा, खोपरागिट पंचमेवा के नाम से जाने जाते हैं। इसका भी हनुमानजी को भोग लगता है।

Post a Comment

0 Comments

if you have any doubt,pl let me know

Post a Comment (0)
To Top