Fire in Kanpur's Lps Institute of Cardiology, big accident averted : कानपुर के हृदय रोग संस्थान में लगी आग, बड़ा हादसा टला

  • शार्ट सर्किट से लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान के कैथलैब में लगी आग



प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर


लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान की दूसरी मंजिल पर स्थित कैथलैब के चेंजिंग रूम के फ्रीजर में शार्ट सर्किट से सोमवार शाम आग लग गई। लैब से धुआं उठता देख कर अफरातफरी मच गई। घबराए तीमारदार अपने-अपने मरीजों को लेकर अस्पताल से बाहर की ओर भागने लगे। सूचना पर दमकल की दो गाड़ियां भेजी गईं। तब तक संस्थान के कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया। खिड़कियां खोल दीं, ताकि धुआं बाहर निकल सके।



लाटूश रोड फायर स्टेशन ऑफिसर सुरेंद्र चौबे ने बताया कि हृदय रोग संस्थान की दूसरी मंजिल स्थित कैथलैब में सोमवार लगभग शाम 7.30 बजे चेंजिंग रूम में रखे फ्रिज के कंडेंशर में शार्टसर्किट से आग लग गई थी। एयरकंडीशनर बिल्डिंग में आग लगने से धुआं ऊपर की तरफ भरने लगा। इसे देखकर मरीजों के तीमारदारों में भगदड़ मच गई।



चीख-पुकार मचने पर कार्डियक सर्जरी के प्रथम तल स्थित जनरल वार्ड में भर्ती सुनीता, नीलम एवं महेश चंद्र के स्वजन उन्हें अस्पताल से बाहर की ओर लेकर भागे। मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि उनके मरीजों का मंगलवार को ऑपरेशन होना है। वहीं, कार्डियोलॉजी में आग लगने की सूचना पर फजलगंज, लाटूश रोड एवं कर्नलगंज फायर स्टेशन की तीन दमकल हृदय रोग संस्थान भेजी गईं। दमकल के पहुंचने से पहले ही कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया।


कैथलैब के बगल में आईसीयू में थे छह मरीज



कार्डियोलॉजी में आग लगने की सूचना पर संस्थान में भगदड़ मच गई। कैथलैब जहां आग लगी थी, उसके ठीक बगल में कार्डियक सर्जरी का आइसीयू है। जहां उस समय छह मरीज भर्ती थे। उनके तीमारदार को आग लगने की भनक तक नहीं लगी। आग बुझने के बाद उन्हें हॉस्पिटल के कर्मचारियों से लैब में आग लगने की जानकारी हुई।


पूर्व की भांति आज कैथलैब में होंगे ऑपरेशन



संस्थान के निदेशक डॉ. विनय कृष्ण का कहना है कि कैथलैब में कोई नुकसान नहीं हुआ है। मंगलवार को पूर्व की भांति कैथलैब में सभी कार्य होंगे। यहां पहले से पांच ऑपरेशन करने की तैयारी है, जिन्हें कल किया जाएगा।


ऑपरेशन समाप्त होने के बाद कैथलैब की सफाई की जा रही थी। इसी दौरान सफाईकर्मी ने वहां के चेंजिंग रूम में रखे फ्रिज से धुआं उठता देखा। उसने अग्निशमन यंत्र की मदद से आग पर काबू पा लिया। धुआं भरने पर कर्मचारियों ने मिलकर खिड़किंयां खोल दीं, जिससे आग पर काबू पा लिया गया। किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है। किसी मरीज एवं तीमारदार को डरने की जरूरत नहीं है। अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित करने के लिए जांच टीम गठित कर दी है।


  • डॉ. विनय कृष्ण, निदेशक, हृदय रोग संस्थान।


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