UP Update : उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले- दिवाली पर माटी के दिये जलाएं, स्वदेशी अपनाएं

  • माटी की हस्तनिर्मित कलाकृतियों के निर्माताओं को अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित
  • ओडीओपी के तहत माटी कला बोर्ड के माध्यम से लघु उद्यम को दिया जा रहा बढ़ावा
  • 10 हजार रुपये की माटी की विभिन्न कलाकृतियों को उपमुख्यमंत्री ने अपने लिए खरीदी


प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ



उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दिपावली पर आमजन माटी के दीप जलाएं। त्योहार के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की अधिक से अधिक खरीदें। ऐसा करके जहां हस्तनिर्मित कलाकृतियां बनाने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा और स्वदेशी अपनाने एवं आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में उठाये गए प्रयासों को बल मिलेगा। सरकार ने माटी कला बोर्ड की स्थापना कर माटी की मूर्तियां व अन्य सामग्री बनाने वालों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। श्री मौर्य ने कालिदास मार्ग पर माटी की कलाकृतियों को बनाने वाले विभिन्न कारीगरों को अंगवस्त्र भेंट करते सम्मानित किया।



उन्हाेंने कहा कि माटी की वस्तुओं को अपनाकर न केवल जरूरत की वस्तुओं की पूर्ति की जा रही है, बल्कि रोजगार से जोड़ने का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है। उन्होने कहा कि जिस प्रकार दीप जलाने से प्रकाश होता है, उसी तरह से गरीबों एवं जरूरमंदों का जीवन भी प्रकाशमय हो।


माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति के नेतृत्व में गोरखपुर, प्रयागराज, बाराबंकी आदि जिलों के प्रजापति समाज के लोगों द्वारा तैयार की गईं विभिन्न कलाकृतियों का उपमुख्यमंत्री ने अवलोकन करने के उपरांत 10 हजार रुपये मूल्य की मूर्तियां एवं अन्य सामाग्री को अपने लिए खरीदी। 



श्री मौर्य ने बोर्ड के अध्यक्ष को उनके सराहनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण, विभागाध्यक्ष राजपाल सिंह, मुख्य अभियन्ता एके अग्रवाल, मुख्य अभियन्ता आरसी शुक्ला, माटी कला बोर्ड के अधिकारी एवं सूचना अधिकारी बीएल यादव भी मौजूद रहे।



खादी भवन में लगाई गई प्रदर्शनी


एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत माटी की कलाकृतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खादी भवन में भव्य प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी की चहुंओर सराहना हो रही है। श्री मौर्य ने स्वदेशी अपनाने के लिए आमजन को जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि माटी कला बोर्ड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। 

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