प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, इटावा
इटावा सफारी पार्क में बिजनौर से एक सप्ताह पहले भेजे गए तीन शावकों की सोमवार को मौत हो गई। उनको डायरिया की शिकायत हुई। सफारी के डॉक्टर उन्हें देर शाम तक बचाने का प्रयास करते रहे लेकिन बचा नहीं सके। 15 दिन के इन तीन शावकों को बिजनौर से यहां पर भेजा गया था। इन्हें सफारी के नियोनेटल केंद्र में रखा गया था।
रविवार से ही इन शावकों की तबीयत खराब होने लगी थी। सफारी पार्क के डॉ. आरपी वर्मा व गौरव श्रीवास्तव ने दवाइयां देकर उनकी तबीयत की निगरानी करते रहे।
हालात बिगड़ते देख सोमवार को कानपुर जू के डायरेक्टर आरके सिंह से विचार-विमर्श करने के लिए बुलाया गया। उसके बावजूद तीनों शावकों को बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद सफारी में खलबली मच गई है। सफारी के निदेशक व उपनिदेशक सहित 22 लोग कोरोना संक्रमित होने के कारण होम आइसोलेट हैं।
निदेशक वीके सिंह ने बताया कि तीनों शावकों को बिजनौर से भेजा गया था। उनकी हालत ठीक नहीं थी, मां का दूध छोड़ने के बाद से उनकी हालत खराब होती चली गई। वे काफी कमजोर हालात में एक सप्ताह पहले ही सफारी पार्क भेजे गए थे।
डॉक्टरों द्वारा उनको बचाने का प्रयास किया गया। तीनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआइ बरेली भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकता है।

0 Comments
if you have any doubt,pl let me know